Thursday, April 16, 2009

आई.टी. एवं तकनीक

मेरा यह चिट्ठा काफी समय से निष्क्रीय बना हुआ है.. मैंने कई बार सोचा भी कि इसे सक्रीय करूं मगर समयाभाव और कई बार अन्य कारणों से सोची हुई बातें संभव नहीं हो पाती है और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.. मैं "मेरी छोटी सी दुनिया" पर लिखना नहीं छोड़ सकता, और यदा-कदा "हम बड़े नहीं होंगे, कामिक्स जिंदाबाद" पर भी सक्रीय रहता हूं.. अब ऐसे में लगातार तीन चिट्ठों पर लिखना एक कामकाजी व्यक्ति के लिये असंभव सा ही है..

इस बीच कई अन्य तकनीक से संबंधित चिट्ठों का आगमन हुआ और उन्होंने बहुत बढ़िया काम भी किया, जिसमें से एक आशीष खंडेलवाल जी का चिट्ठा उल्लेखनीय है.. अब ऐसे में जब इस चिट्ठे को भी सक्रीय करना है और साथ ही कुछ अलग भी पेश करना हो तो कुछ अलग लिखना ही होगा.. इसी सोच ने मुझे प्रेरित किया कि इस चिट्ठे के विषय में थोड़ा सा बदलाव कर दिया जाये जिससे यह भी सक्रीय बना रहे..

आगे से आपको इस चिट्ठे पर आई.टी. जगत की व्यवसायिक खबर और व्यक्तिगत अनुभव के साथ ही समय-समय पर तकनीकी ज्ञान भी मिलते रहेंगे.. तो आपका क्या कहना है मेरे इस आईडिया पर? अगर आपके पास भी ऐसे कुछ अनुभव हों तो उसे हमसे बांटना ना भूलें.. :)

4 comments:

बी एस पाबला said...

ब्लॉग को जीवंत महसूस कराने के लिए ये आइडिया तो अच्छा है.
थोडा समय भी निकालिए

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

बहुत सारे ब्लाग से एक-दो ब्लाग अच्छे हैं। आप उन पर विविध सामग्री डाल सकते हैं। वैसे आप का विचार बुरा नही है।

Anil said...

नेकी और पूछ-पूछ?

आपका स्वागत है! दिनेशराय जी की बात में दम है, मैं खुद आजमा कर देख चुका हूँ। यदि उतना भी समय नहीं निकाल पाते हैं तो पहले से ही चालू हिंदी तकनीकी चिट्ठों पर साझा लेखक भी बन सकते हैं। मेरा पसंदीदा है प्रथम!

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

चिट्ठे को फिर से सक्रिय करने की जानकारी से खुशी हुई.. हिन्दी ब्लॉग टिप्स के प्रति आपके प्यार से अभिभूत हूं.. आभार