Tuesday, April 29, 2008

'C' Language, My First Love

मैं आज से एक ॠंखला शुरू करने की सोची है जिसे मैं पहला प्यार कहता हूं.. यह एक ऐसा विषय है जो शायद किसी ब्लौगिये के काम की नहीं है.. यहां हिंदी ब्लौगिंग में या तो ऐसे लोग हैं जिन्हें कंप्यूटर बेसिक प्रोग्रामिंग से कोई मतलब नहीं है(जैसे पत्रकार या कोई समाजसेवी या फिर कोई और) क्योंकि अगर प्रोग्रामिंग इंटरनेट से संबंधित हो तो शायद वे पढें भी या फिर कंप्यूटर के ऐसे धाकड़ लोग हैं जिनके लिये ये बच्चों का खेल होगा.. आज के समय में यह एक ऐसी भाषा है जो सारे भाषाओं की जननी है.. मैं 'C' भाषा और पॉसकल भाषा को अभी भी सर्वोत्तम मानता हूं क्योंकि अगर किसी ने इन दोनों भाषाओं में से किसी एक में भी अपनी पकर मजबूत कर ली तो उन्हें किसी भी अन्य भाषा सिखने में कभी परेशानी नहीं आने वाली है..

मेरे लिये ये वो चीज है की जब ये मेरे सामने आता है तो मैं बस दिवाना हो जाता हूं.. जिसके लिये मैं भूख प्यास सब कुछ भूल जाता हूं.. मुझे अभी भी वो दिन याद है जब मैं इसके पीछे इस कदर दिवानों की तरह भागता था की मुझे सपनों में भी इसकी प्रोग्रामिंग दिखती थी.. ना जाने मैंने कितने ही ऐसे प्रोग्राम के लाजिक सपनों में देखी है जिसे मैं जगे में नहीं बना पाता था.. और जैसे ही मुझे वो लॉजिक दिखता था बस उसी समय रात के 2-3 बजे उठकर कंप्यूटर ऑन करके बैठ जाता था.. घर में मम्मी परेशान हो चुकी थी कि ऐसे तो ये अपनी तबियत ही खराब कर बैठेगा.. :) ना जाने मैंने कितनी ही रातें खराब की है इसके पीछे जिसे मैं गिन भी नहीं सकता..

आप सोच रहें होंगे की अगर ये हिंदी ब्लौगिंग में किसी के काम का नहीं है तो फिर इसे लिखने का क्या मतलब हो सकता है.. तो इसका कारण है कि मैं ना तो कोई हिट्स पाने के लिये इसे लिखना चाहता हूं और ना ही प्रसिद्धि पाने के लिये.. आप इसे इस तरह से देख सकते हैं जैसे आप अपने पहले प्यार को सरे आम बाजार में खड़ा नहीं देख सकते हैं.. मुझे इसे लिखने के पीछे कोई पैसा बनाना भी कारण नहीं है इसलिये मैंने सबसे पहले गूगल एडसेंस इस चिट्ठे से हटाया है.. जब ये ॠंखला खत्म हो जायेगी तब फिर से इसे लगा दूंगा..

हो सकता है कि कल हिंदी इतनी प्रसिद्ध हो जाये की इस 'C' Language को सिखने के लिये हिंदी में लोग सर्च करने लगें और तब शायद किसी कंप्यूटर के छात्र के ये काम आ जाये.. मैं पिछले 8 सालों से इस भाषा के पीछे दिवाना हूं और मेरी भरसक कोशिश यही रहेगी की मैं इसे आप तक अपने पूरे अनुभव को निचोर कर पहूंचा सकूं..

एक बात और कहना चाहूंगा.. अगर कोई मेरे इस चिट्ठे पर कोई 'C' के प्रोग्राम का डिमांड करेंगे तो मैं यथा संभव उनको उत्तर देने की कोशिश करूंगा मगर मैं शत-प्रतिशत का दावा नहीं करता हूं.. क्योंकि इस भाषा की जड़ इतनी मजबूत है कि कोई अपनी सारी उम्र बस इस एक भाषा को ही सिखने में बिता सकता है.. और वैसे भी इस भाषा की लगभग सभी तरह के प्रोग्राम अपने पूरे कोड के साथ नेट पर उपलब्ध है बस आपको सर्च करने की जरूरत है.. आप इसमें कोई सा भी प्रोग्राम बना सकते हैं.. चाहें तो बिसनेस टूल डेवेलप कर लें या किसी के पूरे नेटवर्क को ही क्रैश करने का साफ्टवेयर बना डालें.. चाहें तो एक एंटीवायरस प्रोग्राम लिख डालें या फिर कोई ऐसा वायरस बना डालें जो किसी भी एंटीवायरस प्रोग्राम के पकर में ना आये.. या फिर कोई छोटा सा मजेदार सा प्रोग्राम ही लिख डालें या Low-Level Programming ही कर डालें..

13 comments:

Funtoosh said...

achhi pehel !

निशान्त said...

मुझे नहीं मालूम की तुमने C कब सिखा है. पर जब मैंने कोई ८-९ साल पहले सिखा था तो कंप्यूटर On करने भी नहीं आता था. जमाना भी C का नही था. या तो लोग मेनफ्रेम काम करते थे या जावा और वेब की नई धूम में शामिल थे. पता नहीं नशा था, C का या अपना हठ - C के चलते कम पैसे वाली नौकरी की. और आज भी यह आलम है कि C/UNIX के अलावा कुछ नही आता है. पर शायद तुमसे कुछ सिखाने को ही मिलेगा...! जब भी दिल नही लगता है एक बार कनिग्हम और रिची कि किताब ले के कोई भी पन्ना पड़ लो... चित शांत हो जाता है. या फ़िर किसी दिन हवा में ज्यादा उड़ रहे हो कि - बॉस, तुम तो कमाल के हो... एक बार पढ़ो और मालूम पड़ जाएगा कितने पानी में हैं अभी भी. जान कर अच्छा लगा और भी कोई है जो C का "गुलाम" है.

Ghost Buster said...

बहुत बहुत धन्यवाद. एक जमाने में बड़ी हसरत थी मगर किसी कारण नही सीख सके. बाद में थोडी बहुत जावा सीखी सिर्फ़ शौकिया. अब आप शुरू कर ही रहे हैं तो बिल्कुल जड़ से ही कीजिये.

प्रोग्रामिंग का चस्का होता ही ऐसा है.

कमलेश मदान said...

P.D. भाई, आपका लेख "युवा" के लिये भी हो तो ज्यादा अच्छा लगेगा!

दिनेशराय द्विवेदी said...

बहुत तारीफ कर दी इस सी लेंग्वेज की। सुनते तो हम भी आए हैं। बेटे की भी इस पर खूब पकड़ है। लेकिन आज तक समझ न पाए। हम पहली क्लास में भर्ती होना चाहते हैं।

Neeraj Rohilla said...

दोस्त,
अगर आपका उद्देष्य नंबर क्रंचिंग है तो Fortran से बेहतर कुछ नहीं । बस जैसा सोचते जाते हो वैसा ही लिखते जाओ, न पाइंटर का झंझट न स्ट्रक्चर का, और गणित के लिये सबसे तेज ।

लेकिन C के बारे में अन्य जानकारी का इन्तजार रहेगा ।

अभिषेक ओझा said...

प्रोग्रामिंग मुझे कभी नहीं भाई, गणित से कभी फुरसत भी नहीं मिली, आज तक जब भी किया मजबूरी में ही किया... पर शायद हिन्दी में देख कुछ मन कर जाए...

Udan Tashtari said...

एक सार्थक पहल, शुभकामनाऐं.

अनुनाद सिंह said...

बहुत ही सार्थक पहल है। हिन्दी के बारे में बहुत सी गलत धारणायें फैला दी गयीं हैं (जैसे - हिन्दी में सी-प्रोग्रामिंग कौन सीखना चाहेगा?) इन सबको तोड़ना होगा। लाखों लोग हिन्दी में सी-भाषा का ज्ञान पाकर खुश होंगे।

मैं भी सी-भाषा की प्रकृति से बहुत प्रभावित हूँ। मै इसका उपयोग 'इम्बेडेड प्रोग्रामिंग' में करता हूँ।

इसी के साथ आपसे अग्रह है कि अपने ब्लाग पर लिखने के साथ-साथ हिन्दी विकिपीडिया पर भी लिख दें। वैसे आप यह काम कर देंगे तो इसी को ठोड़ा-बहुत बदलकर कोई भी इसे विकी पर डाल देगा।

पुन: इस अच्छे काम के शुभारम्भ का संकल्प के लिये साधुवाद!!

PD said...

उत्साह बढाने के लिये आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद..
@ कमलेश जी - मैं इसे युवा पर भी पोस्ट करता रहूंगा..
@अनुनाद जी - इसे मैं विकी पर भी डालता रहूंगा..

DR.ANURAG ARYA said...

chaliye sahab...ab ham bhi kuch na kuch seekh hi lenge....

हरिमोहन सिंह said...

pd जी एक टाप के अनाडी को भी प्रवेश दे दीजिये अपनी क्‍लास में । बस हमें तो बिल्‍कुल शूरूआत से सिखा‍यिगा वरना हमारी समझ टाप की है सी के बारे में सुना है कि हमेशा काम की चीज है हमें इन्‍तजार रहेगा आपकी अनुमति का

lovely kumari said...

hum bhi is bhasa ke diwano me hain.iske liye pagalpan ke aalam ne kyi raton ki nind udayi hai jari rkhen..