मुझे कभी समझ नहीं आया की किसी भी कंप्यूटर भाषा को सिखाते समय पहला प्रोग्राम 'Hello World!' का क्यों होता है.. खैर मैं भी इसी परंपरा को जारी रखते हुए बिना किसी तामझाम के शुरुवात करता हूँ.. मुझे किसी भी कम्प्यूटर भाषा को सीखते समय उससे संबंधित पिछला इतिहास पढना बहुत बोझिल लगता है, और सबसे बड़ी बात ये है की आपको अपने पूरे जीवन में वो इतिहास कभी काम नहीं आने वाला है सो मैं उसे अभी छोड़कर आगे बढ़ रहा हूँ.. हाँ आगे किसी अंक में उसकी जानकारी भी देता जाऊंगा..
किसी भी 'C' Program में कम से कम एक Function तो जरूर होता है.. और अगर किसी प्रोग्राम में कोई भी Function नहीं दिखाई दे रहा है तो वो 'main() Function ' ही एकमात्र Function है.. Function क्या होता है इसके बारे में आगे चर्चा करेंगे.. चलिए अभी देखते हैं पहले Program को..
main()
{
printf("Hello World!");
}
इस Program में दो Function का प्रयोग किया गया है..
1. main() function.
2. printf() function.
main() Function किसी भी 'C' Program को Execute या Run कराने के लिए जिम्मेवार होता है और printf() Function किसी भी Output को कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है..
यहाँ जिस प्रोग्राम को मैंने लिखा है उसका Output कुछ ऐसा आएगा..
Hello World!
नोट : कुछ नेट संबंधी समस्या के कारण मैं 'C' Language का कैसे और किस Compiler पर प्रयोग में लायें, ये नहीं बता पा रहा हूँ.. मगर जल्द ही अगले किसी अंक में मैं आपको इससे संबंधित जानकारी दूंगा..
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Thursday, May 01, 2008
Tuesday, April 29, 2008
'C' Language, My First Love
मैं आज से एक ॠंखला शुरू करने की सोची है जिसे मैं पहला प्यार कहता हूं.. यह एक ऐसा विषय है जो शायद किसी ब्लौगिये के काम की नहीं है.. यहां हिंदी ब्लौगिंग में या तो ऐसे लोग हैं जिन्हें कंप्यूटर बेसिक प्रोग्रामिंग से कोई मतलब नहीं है(जैसे पत्रकार या कोई समाजसेवी या फिर कोई और) क्योंकि अगर प्रोग्रामिंग इंटरनेट से संबंधित हो तो शायद वे पढें भी या फिर कंप्यूटर के ऐसे धाकड़ लोग हैं जिनके लिये ये बच्चों का खेल होगा.. आज के समय में यह एक ऐसी भाषा है जो सारे भाषाओं की जननी है.. मैं 'C' भाषा और पॉसकल भाषा को अभी भी सर्वोत्तम मानता हूं क्योंकि अगर किसी ने इन दोनों भाषाओं में से किसी एक में भी अपनी पकर मजबूत कर ली तो उन्हें किसी भी अन्य भाषा सिखने में कभी परेशानी नहीं आने वाली है..
मेरे लिये ये वो चीज है की जब ये मेरे सामने आता है तो मैं बस दिवाना हो जाता हूं.. जिसके लिये मैं भूख प्यास सब कुछ भूल जाता हूं.. मुझे अभी भी वो दिन याद है जब मैं इसके पीछे इस कदर दिवानों की तरह भागता था की मुझे सपनों में भी इसकी प्रोग्रामिंग दिखती थी.. ना जाने मैंने कितने ही ऐसे प्रोग्राम के लाजिक सपनों में देखी है जिसे मैं जगे में नहीं बना पाता था.. और जैसे ही मुझे वो लॉजिक दिखता था बस उसी समय रात के 2-3 बजे उठकर कंप्यूटर ऑन करके बैठ जाता था.. घर में मम्मी परेशान हो चुकी थी कि ऐसे तो ये अपनी तबियत ही खराब कर बैठेगा.. :) ना जाने मैंने कितनी ही रातें खराब की है इसके पीछे जिसे मैं गिन भी नहीं सकता..
आप सोच रहें होंगे की अगर ये हिंदी ब्लौगिंग में किसी के काम का नहीं है तो फिर इसे लिखने का क्या मतलब हो सकता है.. तो इसका कारण है कि मैं ना तो कोई हिट्स पाने के लिये इसे लिखना चाहता हूं और ना ही प्रसिद्धि पाने के लिये.. आप इसे इस तरह से देख सकते हैं जैसे आप अपने पहले प्यार को सरे आम बाजार में खड़ा नहीं देख सकते हैं.. मुझे इसे लिखने के पीछे कोई पैसा बनाना भी कारण नहीं है इसलिये मैंने सबसे पहले गूगल एडसेंस इस चिट्ठे से हटाया है.. जब ये ॠंखला खत्म हो जायेगी तब फिर से इसे लगा दूंगा..
हो सकता है कि कल हिंदी इतनी प्रसिद्ध हो जाये की इस 'C' Language को सिखने के लिये हिंदी में लोग सर्च करने लगें और तब शायद किसी कंप्यूटर के छात्र के ये काम आ जाये.. मैं पिछले 8 सालों से इस भाषा के पीछे दिवाना हूं और मेरी भरसक कोशिश यही रहेगी की मैं इसे आप तक अपने पूरे अनुभव को निचोर कर पहूंचा सकूं..
एक बात और कहना चाहूंगा.. अगर कोई मेरे इस चिट्ठे पर कोई 'C' के प्रोग्राम का डिमांड करेंगे तो मैं यथा संभव उनको उत्तर देने की कोशिश करूंगा मगर मैं शत-प्रतिशत का दावा नहीं करता हूं.. क्योंकि इस भाषा की जड़ इतनी मजबूत है कि कोई अपनी सारी उम्र बस इस एक भाषा को ही सिखने में बिता सकता है.. और वैसे भी इस भाषा की लगभग सभी तरह के प्रोग्राम अपने पूरे कोड के साथ नेट पर उपलब्ध है बस आपको सर्च करने की जरूरत है.. आप इसमें कोई सा भी प्रोग्राम बना सकते हैं.. चाहें तो बिसनेस टूल डेवेलप कर लें या किसी के पूरे नेटवर्क को ही क्रैश करने का साफ्टवेयर बना डालें.. चाहें तो एक एंटीवायरस प्रोग्राम लिख डालें या फिर कोई ऐसा वायरस बना डालें जो किसी भी एंटीवायरस प्रोग्राम के पकर में ना आये.. या फिर कोई छोटा सा मजेदार सा प्रोग्राम ही लिख डालें या Low-Level Programming ही कर डालें..
मेरे लिये ये वो चीज है की जब ये मेरे सामने आता है तो मैं बस दिवाना हो जाता हूं.. जिसके लिये मैं भूख प्यास सब कुछ भूल जाता हूं.. मुझे अभी भी वो दिन याद है जब मैं इसके पीछे इस कदर दिवानों की तरह भागता था की मुझे सपनों में भी इसकी प्रोग्रामिंग दिखती थी.. ना जाने मैंने कितने ही ऐसे प्रोग्राम के लाजिक सपनों में देखी है जिसे मैं जगे में नहीं बना पाता था.. और जैसे ही मुझे वो लॉजिक दिखता था बस उसी समय रात के 2-3 बजे उठकर कंप्यूटर ऑन करके बैठ जाता था.. घर में मम्मी परेशान हो चुकी थी कि ऐसे तो ये अपनी तबियत ही खराब कर बैठेगा.. :) ना जाने मैंने कितनी ही रातें खराब की है इसके पीछे जिसे मैं गिन भी नहीं सकता..
आप सोच रहें होंगे की अगर ये हिंदी ब्लौगिंग में किसी के काम का नहीं है तो फिर इसे लिखने का क्या मतलब हो सकता है.. तो इसका कारण है कि मैं ना तो कोई हिट्स पाने के लिये इसे लिखना चाहता हूं और ना ही प्रसिद्धि पाने के लिये.. आप इसे इस तरह से देख सकते हैं जैसे आप अपने पहले प्यार को सरे आम बाजार में खड़ा नहीं देख सकते हैं.. मुझे इसे लिखने के पीछे कोई पैसा बनाना भी कारण नहीं है इसलिये मैंने सबसे पहले गूगल एडसेंस इस चिट्ठे से हटाया है.. जब ये ॠंखला खत्म हो जायेगी तब फिर से इसे लगा दूंगा..
हो सकता है कि कल हिंदी इतनी प्रसिद्ध हो जाये की इस 'C' Language को सिखने के लिये हिंदी में लोग सर्च करने लगें और तब शायद किसी कंप्यूटर के छात्र के ये काम आ जाये.. मैं पिछले 8 सालों से इस भाषा के पीछे दिवाना हूं और मेरी भरसक कोशिश यही रहेगी की मैं इसे आप तक अपने पूरे अनुभव को निचोर कर पहूंचा सकूं..
एक बात और कहना चाहूंगा.. अगर कोई मेरे इस चिट्ठे पर कोई 'C' के प्रोग्राम का डिमांड करेंगे तो मैं यथा संभव उनको उत्तर देने की कोशिश करूंगा मगर मैं शत-प्रतिशत का दावा नहीं करता हूं.. क्योंकि इस भाषा की जड़ इतनी मजबूत है कि कोई अपनी सारी उम्र बस इस एक भाषा को ही सिखने में बिता सकता है.. और वैसे भी इस भाषा की लगभग सभी तरह के प्रोग्राम अपने पूरे कोड के साथ नेट पर उपलब्ध है बस आपको सर्च करने की जरूरत है.. आप इसमें कोई सा भी प्रोग्राम बना सकते हैं.. चाहें तो बिसनेस टूल डेवेलप कर लें या किसी के पूरे नेटवर्क को ही क्रैश करने का साफ्टवेयर बना डालें.. चाहें तो एक एंटीवायरस प्रोग्राम लिख डालें या फिर कोई ऐसा वायरस बना डालें जो किसी भी एंटीवायरस प्रोग्राम के पकर में ना आये.. या फिर कोई छोटा सा मजेदार सा प्रोग्राम ही लिख डालें या Low-Level Programming ही कर डालें..
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